योगी की कोरोना वरियार की टीम में 11मंत्रियों की फौज शामिल,हर स्थिति से लड़ने की है तैयारी


कोरोना से जंग के लिए योगी की सेना तैयार, मंत्रियों के साथ-साथ स्पेशल-11 पर सारा दारोमदार


लखनऊ। पूरा देश कोरोनावायरस के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। इस संघर्ष के कारण विश्व के बाकी बड़े देशों की तुलना में हमारे यहां इस महामारी का प्रकोप थोड़ा कम है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात को छोड़ दें तो अन्य राज्यों में स्थिति नियंत्रण में है। देश के सबसे बड़े आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश कोरोनावायरस लड़ाई में अपना अहम किरदार अदा कर रहा है। उत्तर प्रदेश में लगभग 2200 से ज्यादा लोग इस महामारी से संक्रमित हैं जबकि अब तक 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। आगरा, लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर को छोड़ दें तो बाकी जिलों में इस संक्रमण का प्रकोप कम नजर आता है। हालांकि उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात की तरह अगर नहीं है तो इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी कुशल रणनीति को दिया जाना चाहिए।


योगी आदित्यनाथ ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने कोटा में फंसे अपने बच्चों को लाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, उन्होंने दूसरे राज्यों में उत्तर प्रदेश के फंसे मजदूरों को भी गृह राज्य में वापस लाने के प्रयास किए। योगी आदित्यनाथ ही ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने दिहाड़ी मजदूर वर्ग के लिए भी उचित मुआवजे की घोषणा की। कुल मिलाकर योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में कोरोना पर किस तरीके से नियंत्रण किया जा सकता है इसकी कमान खुद ही संभाल रखी है। हर रोज नए तरीके से कोरोना के खिलाफ संघर्ष का मुआयना करते हैं और परिस्थिति के अनुसार नीति बनाते हैं। योगी आदित्यनाथ की टीम 11 वरिष्ठ अधिकारियों से सुसज्जित है। यह टीम उन्हें हर रोज की कार्यवाही का रिपोर्ट बताता है। 


योगी की टीम 11
आरके तिवारी: मुख्य सचिव, आलोक टंडन: अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, आलोक सिन्हा: कृषि उत्पादन आयुक्त, अवनीश कुमार अवस्थी: अपर मुख्य सचिव, गृह, सूचना एवं जनसंपर्क, रेणुका कुमार: अपर मुख्य सचिव, राजस्व, अमित मोहन प्रसाद: प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य, भुवनेश कुमार: प्रमुख सचिव, पशुपालन, हितेश चंद्र अवस्थी: डीजीपी, यूपी पुलिस, संजीव मित्तल: अपर मुख्य सचिव, वित्त, देवेश चतुर्वेदी: प्रमुख सचिव, कृषि, मनोज कुमार सिंह: प्रमुख सचिव, पंचायतीराज, शिशिर: निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग।


प्रदेश के अन्य मंत्री भी कोरोना के खिलाफ इस जंग में मुख्यमंत्री के साथ जुटे हुए हैं। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। केशव प्रसाद मौर्य को योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ी जिम्मेदारी दे रखी है। दरअसल केशव प्रसाद मौर्य को इस बात की तैयारी करनी है कि आखिर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को किस तरीके से शुरू की जा सकती है। साथ ही साथ जो रोड निर्माण के कार्य रुके हुए थे उसको दोबारा किस तरीके से, किस नियम के तहत शुरू करने हैं और कैसे शुरू करने हैं इसकी भी रूपरेखा केशव प्रसाद मौर्य को ही तैयार करना है। केशव प्रसाद मौर्य जनता को जागरूक करने में भी जुटे हुए हैं और वह भी अपने मुख्यमंत्री के ही तरह जगह-जगह का दौरा कर रहे हैं। केशव मौर्य लगातार उद्योग से जुड़े लोगों और सड़क निर्माण से जुड़े कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठकर कर रहे हैं। इसके अलावा राज्य में रोजगार के अबसर कैसे सृजित किया जाए, यह भी उन्हीं के जिम्मे है। 
 
वहीं राज्य के दूसरे उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साथ दे रहे हैं। हालांकि दिनेश शर्मा का ज्यादा जोर राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर है। राज्य की शिक्षा व्यवस्था को किस तरीके से फिर से पटरी पर लाना है इसकी जिम्मेदारी पूरी तरीके से दिनेश शर्मा के ऊपर टिकी हुई है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी हुई जानकारियां दिनेश शर्मा लगातार मुख्यमंत्री को मुहैया करा रहे हैं और उसी के हिसाब से आगे के निर्णय भी लिए जा रहे है। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा चिंतित वर्तमान की स्थिति को लेकर किसान हैं। अभी रवि की फसल की कटाई और गेहूं का समय है। ऐसे में किसानों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या उनके फसल को इस बार बाजार मिलेगा?, अगर बाजार मिलता भी है तो क्या उन्हें उचित किमत मिलेगा? किसानों की इस चिंता को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही लगातार डटे हुए हैं।
 
प्रदेश के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा भी विद्युत के प्रवाह में किसी तरीके की व्यवधान उत्पन्न ना हो इसकी समीक्षा में लगे पड़े हैं। प्रदेशवासियों को यह भरोसा दे रहे हैं कि उनकी परेशानियों को ध्यान में रखकर विद्युत के प्रवाह को जारी रखा जाएगा। वहीं वित्त मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री या फिर उद्योग मंत्री भी लगातार प्रदेश में कोरोना को किस तरीके से मात दिया जाए इसको लेकर रणनीति बनाने में मैदान में डटे हुए हैं। हालांकि उत्तर प्रदेश में मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन प्रदेश की टीम और इसकी अगुवाई कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा करें तो ऐसा लगता है कि यहां स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया जाएगा।


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