आज भी लव मैरेज है बवालेजान, अम्बेकरनगर में ताजा मामले से भी साबित


अंबेडकरनगर : जिले के बसखारी थाना क्षेत्र का मामला जगपत त्रिपाठी की बेटी संगम ने अपनी मर्जी से अनुसूचित समाज से आने वाले सतगुरु लाल निवासी ग्राम कसदहा थाना बसखारी से शादी कर ली. घर से भागकर शादी करने के बाद से लड़की और उनके पति सतगुरु लाल अपनी जान का खतरा बता रहे हैं. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका पीछा किया जा रहा है और उनको अपनी जान का खतरा है.
जब लड़की ने अपनी सुरक्षा के लिए बसखारी के पुलिस से गुहार लगाई, तो उन्होंने कोर्ट के आदेश के बिना सुरक्षा मुहैया कराने से साफ इनकार कर दिया.मीडिया से बातचीत से पहले प्रार्थिनी संगम और उनके पति सतगुरु ने एक वीडियो भी जारी किया और अपनी जान को खतरा बताया. इस घटना के सामने आने के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि क्या देश को आजादी मिलने के इतने सालों बाद भी एक बालिग लड़की और लड़के को अपनी मर्जी से शादी करने का अधिकार है या नहीं.
इस संबंध में अंबेडकरनगर सिविल कोर्ट के एडवोकेट राम शब्द यादव और राम सागर यादव  का कहना है कि 18 साल की उम्र पूरी कर चुकी हर लड़की और 21 साल की उम्र पूरी कर चुके हर लड़के को अपनी मर्जी से शादी करने का मौलिक अधिकार है.
देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले में कई दफा कह चुका है कि शादी करने का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में मिले जीवन के अधिकार के तहत आता है. इस अधिकार को कोई नहीं छीन सकता है.उनका कहना है कि अगर लड़की ने 18 साल और लड़के ने 21 साल की उम्र पूरी कर ली है, तो वो शादी कर सकते हैं. उनकी शादी में जाति, धर्म, क्षेत्र और भाषा जैसी चीजें बाधा नहीं बनती हैं. इसका मतलब यह हुआ कि जो लड़की 18 साल की उम्र पूरी कर चुकी है, वो किसी भी जाति, धर्म में शादी कर सकती है
 यदि कोई उनकी शादी में रोड़ा पैदा करता है या रोकता है, तो वो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत सीधे हाईकोर्ट और अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं. अगर नवदंपति को अपने परिजनों से जान-माल का खतरा है, तो वो सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग भी कर सकते हैं.
एडवोकेट राम शब्द यादव, ने बताया कि किसी भी लड़के या लड़की को शादी करने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है.शादी के लिए शर्त सिर्फ इतनी है कि लड़का या लड़की की दिमागी स्थिति ठीक होनी चाहिए, ताकि वो शादी के लिए अपनी सहमति दे सकें. संगम ने बसखारी थाने में जाकर लिखित बयान दिया। लहटोराव चौकी इंचार्ज प्रदीप सिंह, द्वारा कई बार पूछा गया लड़की अपने बयान पर कायम रही।
थानेदार साहब, मैं अपनी मर्जी से लड़के के साथ गई थी और शादी की है। लड़के ने मुझसे कोई जोर जबरदस्ती नहीं की, अब मैं आगे भी उसी के साथ रहना चाहती हूं। यह बयान एक लड़की ने अदालत के समक्ष कहने के लिए भी कहा इस बारे में थाना अध्यक्ष मनोज सिंह" से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि लड़की लड़का बालिग है उन्हें अपने जीवन जीने का पूरा अधिकार है इस पर पुलिस कोई भी दबाव नहीं डालेगी। इस बीच लड़की के परिवार वाले काफी दबाव डालें मगर लड़की जाने को तैयार नहीं।


गणेश मौर्य


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