नवीनतम तकनीकों ने पत्रकारिता के कार्य को जहां सहज बनाया है वहीं त्वरित समाचारों की आपाधापी से विश्वास का संकट उठ खड़ा हुआ है:- दिनेश चंद्र पाण्डेय

 


भारतीय बस्ती के स्थापना दिवस पर विभूतियां सम्मानित

बस्ती । पत्रकारिता को जन विश्वास जीतना होगा, न डरिये, न डराइये, नवीनतम तकनीकों ने पत्रकारिता के कार्य को जहां सहज बनाया है वहीं त्वरित समाचारों की आपाधापी से विश्वास का संकट उठ खड़ा हुआ है। ऐसी परिस्थिति में जनता के सहयोग से पत्रकारों को नये आयाम, शिल्प विकसित करने होंगे। यह विचार भारतीय बस्ती के संस्थापक मुख्य सम्पादक दिनेश चन्द्र पाण्डेय ने व्यक्त किया। बुधवार को भारतीय बस्ती के 44 वें स्थापना दिवस पर आयोजित ‘ तकनीकी युग में पत्रकारिता की दशा और दिशा’ विषयक संगोष्ठी का विषय प्रर्वतन करते हुये व्यक्त किया।

संगोष्ठी के क्रम में कुलवेन्द्र सिंह ‘मजहबी, संदीप गोयल, डा. आनन्द प्रताप सिंह को स्वर्गीय हरिश्चन्द्र अग्रवाल स्मृति सम्मान, खेल के क्षेत्र में मो0 इब्राहीम स्मृति सम्मान से आराधना भाष्कर और कंचन चौहान तथा भारतीय बस्ती के कर्मयोगी सम्मान के रूप में अनूप कुमार मिश्र, ब्रम्हदेव पाण्डेय को ‘कर्मयोगी’ सम्मान से सम्मानित किया गया। स्वर्गीय हरिश्चन्द्र अग्रवाल के नाती गौरव अग्रवाल और मो. इब्राहीम के पुत्र मो0 अरशद ने स्मृतियों को साझा किया।

भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष महेश शुक्ल ने कहा कि समाज में स्वस्थ पत्रकारिता की भूमिका सदैव प्रासंगिक रहेगी। गोष्ठी में डा. सत्यव्रत द्विवेदी, वीरेन्द्र पाण्डेय, सुरेन्द्रनाथ द्विवेदी, राना दिनेश प्रताप सिंह, अरविन्द पाल, जगदीश प्रसाद शुक्ल, विनोद उपाध्याय, संजय द्विवेदी, सिद्धेश सिन्हा, दीवान चन्द पटेल, रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ सन्तोष पाल, गोपेश्वर त्रिपाठी., अनूप खरे, पंकज सिंह, रहमान अली रहमान, योगेश शुक्ल, रत्नेश शुक्ल, कौशल किशोर पाण्डेय, प्रेमशंकर द्विवेदी, राजेश चित्रगुप्त आदि ने विस्तार के साथ ‘ तकनीकी युग में पत्रकारिता की दशा और दिशा’ पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि समाज की गतिविधियां उसका सुख दुःख सदैव पत्रकारिता का विषय रहा है। वह अपने समाज की सच्चाईयों से मुख नहीं मोड़ सकता। उसे अपनी विश्वसनीयता बनाये रखनी होगी। अनिरूद्ध त्रिपाठी, कृष्ण चन्द्र सिंह, चन्द्रभूषण मिश्रा और डा. वी.के. वर्मा ने कहा कि भरोसा ही पत्रकारिता की वास्तविक पूंजी है। आभार ज्ञापन सम्पादक दिनेश सिंह एवं संचालन प्रदीप चन्द्र पाण्डेय ने किया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से राजेन्द्रनाथ तिवारी, अनुराग कुमार श्रीवास्तव, आनन्द राजपाल, परसुराम शुक्ल, सूर्य कुमार शुक्ल,, दीन दयाल त्रिपाठी, अजय कुमार श्रीवास्तव, वैजनाथ मिश्र, अशोक श्रीवास्तव, वैभव पाण्डेय, नीतेश शर्मा रवि,, अनिल कुमार पाण्डेय, राघवेन्द मिश्र, मनमोहन श्रीवास्तव ‘काजू’ वीरेन्द्र पाण्डेय, ऐश्वर्य मणि त्रिपाठी, , अनिल सिंह, एस.पी. श्रीवास्तव, अर्जुन उपाध्याय, अमर सोनी, मो. अरशद , राजेश पाण्डेय, दिनेश कुमार पाण्डेय, शशिकान्त पाण्डेय, अतुल कुमार पाण्डेय, अयाज अहमद, राकेश चन्द्र श्रीवास्तव, वैजनाथ मिश्र, महेन्द्र त्रिपाठी, सुभाष पाण्डेय, अजय कुमार श्रीवास्तव, वशिष्ठ पाण्डेय, दिलीप चन्द्र पाण्डेय, बलराम चौबे, शानू रिजवी, संजय विश्वकर्मा, धनंजय, अजय सिंह, राजेश पाण्डेय, अमरमणि पाण्डेय, जय प्रकाश उपाध्याय, राकेश चन्द्र श्रीवास्तव, पं. सरोज मिश्र प्रवीण श्रीवास्तव, सूर्य कुमार शुक्ल, कुलदीप सिंह, मनोज सिंह, अनूप मिश्र, राकेश, राहुल, आदर्श, वागार्थ, शेषमणि पाण्डेय, रमेश मिश्र, विकास पाठक, पंकज सोनी, राज प्रकाश, अतुल पाण्डेय, सन्तोष शुक्ल, विवेक चौधरी, अफजल, राबी शुक्ल, रबीश मिश्र, ओम प्रकाश पाण्डेय, विनोद शुक्ल, वीरेन्द्र गोस्वामी, विजय प्रकाश पाण्डेय, कपीश मिश्र, जियाउर्रहमान, भानु प्रताप सिंह के साथ ही बड़ी संख्या में पत्रकार एवं विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक संगठनों के लोग शामिल रहे।