तन मन पुलकित है तुम्हारा तो समझो सफल है होली - कवि तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु

 


होली का त्यौहार मनाओ कुछ इस तरह यारों ! 

तुम्हारी खुशियों में हमारी खुशियाँ शिरकत करें !! 

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ईर्ष्या द्वेष मिटाकर भाईचारे का माहौल बनाओ ! 

होली के त्यौहार का यही पैग़ाम देते रहे हैं हम !!

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मन के सारे मैल मिटा कर आओ हम तुम गले मिल जाएं ! 

गुलाबजामुन और गुझिया की मिठास में होली का यही पैग़ाम है !!

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सिर्फ़ और सिर्फ़ तुम्हारा आचार विचार याद करेगी दुनिया !

होली के पावन त्यौहार में धन दौलत की हवस छोड़ दो तुम !! 

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केवल आवरण की साज-सज्जा से कुछ नहीं होता प्यारे ! 

तन मन पुलकित है तुम्हारा तो समझो सफल है होली !!

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कुछ सबक मुझसे भी ले लिया करो ज़िंदगी में तुम ! 

हर होली में कुछ अपरिचित मुझ से परिचित होते हैं !! 

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इंसानियत का परचम लहराते रहो सदा तन मन से तुम ! 

होली का त्यौहार तुम्हारे जीवन में खुशियों का रंग भर देगा !!

**************** तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु कवि व मंच संचालक अंबेडकरनगर उत्तर प्रदेश संपर्क सूत्र – 9450489518