बस्ती - पूर्व डीएसओ के खिलाफ शुरू हुई विभागीय जांच

 बस्ती - पूर्व डीएसओ के खिलाफ शुरू हुई विभागीय जांच

बस्ती क्लब के बायलॉज में बदलाव कर संपत्ति हड़पने की साजिश करने के आरोप में तत्कालीन जिला पूर्ति अधिकारी पूरन सिंह (डीएसओ शाहजहांपुर) के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। जांच का निर्देश आयुक्त खाद्य एवं रसद उत्तर प्रदेश ने दिया है। जांच अधिकारी के तौर पर उपायुक्त खाद्य वाराणसी मंडल को नामित किया गया है।

आयुक्त खाद्य एवं रसद उत्तर प्रदेश मनीष चौहान ने कार्यालय आदेश में कहा है आयुक्त बस्ती मंडल ने 27 नवंबर 2018 तथा डीएम बस्ती ने 16 नवंबर 2018 में भेजी रिपोर्ट में बताया कि बस्ती क्लब की नियमावली को गुपचुप तरीके से बदल कर संपत्ति हड़पने की साजिश की गई। इस क्लब की स्थापना 1937 में हुई। उस समय बने बॉयलॉज के अनुसार डीएम व एसपी के प्रशासनिक अधिकारी सदस्य के तौर पर शामिल होते थे। केवल दो बाहरी सदस्य को शामिल किया जाता था।


क्लब के बायलॉज में फरवरी 2017 में बदलाव कर दिया गया। इसके अनुसार नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इस कार्य कारिणी में तत्कालीन डीएम अनिल कुमार दमेले अध्यक्ष व डीएसओ पूरन सिंह चौहान को सचिव बनाया गया। इनके अतिरिक्त सभी सदस्य गैर सरकारी रहे। सचिव के तौर पर पूरन सिंह ने 11 जून 2015 को ही कार्यभार ग्रहण किया था और उनका हस्ताक्षर प्रमाणित किया गया। क्लब की भूमि के स्वामित्व के तौर पर राजस्व अभिलेखों में तत्कालीन डीएम अनिल कुमार दमेले और डीएसओ पूरन सिंह चौहान के नाम पर हो गया। जबकि यह जमीन राजस्व के पुराने अभिलेखों में बस्ती क्लब के नाम पर दर्ज है।


अपने आदेश में आयुक्त ने कहा कि आयुक्त व डीएम की रिपोर्ट के अनुसार राजकीय संपत्ति को दुरूपयोग किए जाने के उद्देश्य से किए गए षडयंत्र के लिए तत्कालीन डीएसओ पूरन सिंह चौहान के खिलाफ विभागीय किए जाने की संस्तुति की जाती है। मामले की जांच उपायुक्त खाद्य वाराणसी मंडल करेंगे। आयुक्त बरेली को भेजे पत्र में आयुक्त खाद्य एवं रसद ने पूरन सिंह को तीन प्रतियों में आदेश की प्रति उपलब्ध कराते हुए जांच में सहयोग के लिए निर्देशित करने को कहा है।