सपा नेता सिद्धार्थ ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर किया धान किसानों को मुआवजा देने की मांग तीन दिन की बरसात में धान की फसल चौपट, किसानों की मुश्किलें बढ़ी


बस्ती। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उ.प्र. आवास विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ऑन लाइन ज्ञापन भेजकर तीन दिनों से जारी लगातार बरसात के कारण धान के फसल के नुकसान का आकलन कराकर किसानों को क्षतिपूर्ति मुआवजा देने की मांग किया है।


भेजे ज्ञापन में सिद्धार्थ सिंह ने कहा है कि अतिवृष्टि के कारण किसानों की अनेक स्थानों पर धान की फसल डूब गई। बड़ी संख्या में धान की फसल नदियों के कटान का शिकार होकर समाप्त हो गईं। किसान उम्मीद पाले हुये था कि जितनी भी फसल बच जाय उसी में किसी तरह से परिवार का गुजारा कर लेंगे किन्तु पिछले तीन दिनों से लगातार जारी मूसलाधार बारिस ने धान की फसल को अनेक स्थानों पर बुरी तरह से नष्ट कर दिया। कोरोना संकट काल में किसानों के सपनों पर पानी फिर गया। ऐसे में धान के फसल के नुकसान का आकलन कराकर किसानों को समुचित मुआवजा दिया जाय।


सपा नेता सिद्धार्थ ने कहा कि केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकार केवल किसान हितों की बात ही करती है। स्थिति ये है कि चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का करोड़ो रूपया बाकी है, किसान आर्थिक रूप से जर्जर होते जा रहे हैं किन्तु किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। किसानों की आय दो गुनी करने का दंभ भरने वाले गन्ना मूल्य भुगतान पर चुप्पी साधे हुये है। किसान अपने जमीन का मुआवजा मांगता है तो उसे अभियुक्त बना देने का षड़यंत्र होता है। मांग किया कि बस्ती जनपद में हुये धान के फसल की क्षति का आकलन कराकर किसानों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाय।


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