पिछले तीन सालों से में नहीं हुई जेई से एक भी मौत,विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान की बड़ी उपलब्धि


बस्ती, 2 जुलाई 2020। जिले में पिछले तीन सालों में जेई से एक भी मौत नहीं हुई है। आखिरी बार 2017 में तीन मौत स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में दर्ज की गई थी। इसे विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान की बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। पूर्वांचल के लिए अभिशाप बने एईएस, जेई से जंग के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर विशेष संचारी रोग व दस्तक अभियान शुरू किया गया। अब इसका असर सामने आने लगा है। जेई से हर साल हो रही मौत व दिव्यांगता का शिकार सबसे ज्यादा छोटे बच्चे ही हो रहे थे।


जिला मलेरिया अधिकारी आईए अंसारी का कहना है कि विशेष संचारी रोग अभियान के द्वारा जहां शहर से लेकर गांव तक स्वच्छता, पीने के शुद्ध पानी, जल जमाव आदि पर जोर दिया गया, वहीं दस्तक अभियान में आशा व आंगनबाड़ी घर-घर जाकर लोगों को एईएस, जेई से बचाव के लिए घर वालों को जागरूक करती हैं। आम लोगों में जागरूकता बढ़ी है, जिससे जेई व एईएस के मामले जहां कम हो रहे हैं, वहीं मौत शून्य हो गई है। जागरूकता की ही देन है कि बच्चों के बीमार होने पर घर वाले बिना समय गंवाएं पीआईसीयू या ईटीसी केंद्रों तक पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी जान को बचाया जा सका है। अब जरूरत इस बात की है कि इस जागरूकता की निरंतरता बनी रहे। 


तीन सालों में यह रहा आंकड़ाः सन 2020 एईएस-7 (मौत- 3) जेई- 0, सन 2019 एईएस-80 (मौत-11), जेई- 9 (मौत- 0), सन 2018 एईएस- 113 (मौत- 12), जेई- 27 (मौत- 0) पिछले तीन सालों के आंकड़ों को देखे तो साफ नजर आ रहा है कि यहां जेई व एईएस के मामले लगातार कम हो रहे है। सबसे सुखद बात यह है कि जेई से कोई मौत सामने नहीं आई है। यह उपलब्धि जागरूकता अभियान के द्वारा ही संभव हो पायी है।- डॉ. फकरेयार हुसैन, एसीएमओ, नोडल ऑफिसर वेक्टर बार्न डिजीज, बस्ती