गरीबों के रुपए खाने वाले बौखला कर गंदी राजनीति कर रहे हैं,जनता ही देगी करारा जवाब


लखनऊ, जेएनएन। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण पर अंकुश लगाने के प्रयास में दिन-रात एक करने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-11 के साथ बैठक से पहले देश के विरोधी दलों पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देश इस समय बेहद संकट के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में भी कुछ लोग राजनीति से बाज नहीं आ रहे। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। 


सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बेहद संकट की घड़ी में केंद्र और प्रदेश सरकार बिना भेदभाव के सभी वर्गों के साथ खड़ी है। हर जगह पर श्रमिक-कामगारों को सरकारी वाहनों से घर पहुंचाया जा रहा है। ऐसे समय में भी गंदी सोच से राजनीति करने वालों को जनता खुद जवाब देगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार इतना कुछ कर रही है, फिर भी कुछ दल हर मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। जो गरीबों का रुपये हड़प जाते थे, आज वह लोग बौखलाकर कर रहे राजनीति। अब तो इनके नकारात्मक रवैये का जवाब जनता स्वयं देगी। उन्होंने जनता से अपील की कि कोरोना वायरस को परास्त करने के लिए पहले की ही तरह धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सहयोग करें।
निजी स्वार्थ की राजनीति ठीक नहीं
योगी आदित्यनाथ ने आपात काल में निजी स्वार्थ की राजनीति करने वालों की घोर निंदा की है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे विरोधी दल कोरोना के खिलाफ देश की इस लड़ाई को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहली बार देश के अंदर आपदा के समय में गरीबों, मजदूरों, महिलाओं, निराश्रितों के लिए एक लाख 70 हजार करोड़ के रूप में एक बड़ी राहत पीएम गरीब कल्याण पैकेज के रूप में घोषित हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मजदूर, गरीब व कामगारों पर तो जरा भी राजनीति नहीं होनी चाहिए। देश में यह पहली बार हो रहा है कि आपदा के समय एक बड़ा राहत पैकेज प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत घोषित हुआ। जो लोग अपने शासन काल में गरीब तथा महिलाओं का कल्याणकारी योजनाओं का पैसा हड़प जाते थे, वह तो कुछ भी बोलने के काबिल नहीं है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जब पैसा उन गरीबों के खाते में पहुंच रहा है तो उनकी बौखलाहट बिल्कुल स्पष्ट दिखाई देती है।
गरीबों का रुपया हड़पने वाले बौखलाए
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो गरीबों का रुपये हड़प जाते थे,वह आज काफी बौखलाकर कर राजनीति कर रहे हैं। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे उत्तर प्रदेश सरकार पर विपक्षी दल लगातार हमला बोल रहे हैं। ऐसे में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कोरोना की लड़ाई को कमजोर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। वह सब अपने निजी राजनीति स्वार्थ के लिए ऐसा कर रहे हैं। गरीबों के खाते में रुपया जा रहा है तो उन लोगों को बौखलाहट हो रही है। घोटाले करने वाले इस बात से काफी परेशान हैं कि गरीबों के खातों में पैसा कैसे पहुंच रहा है। यहस भी तो अपने शाासन काल में गरीब, मजबूर, और महिलाओं को मिलने वाली धनराशि हड़प कर जाते थे।इतना ही, नहीं योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ऐसे लोग अभद्र आचरण कर रहे हैं, जनता उन्हेंं जवाब देगी। 
सरकार बेहद संवेदनशील
प्रदेश सरकार के कामों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 34 लाख किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपया की पहली किस्त अप्रैल में और दूसरी किस्त इसी माह भेजी जा रही है। इसके अलावा तीन करोड़ 26 लाख महिलाओं के जनधन खाते में 1630 करोड़ रुपये अप्रैल में और 1630 करोड़ रुपये की धनराशि मई महिने में भेज दी गई है। प्रदेश के एक करोड़ 47 लाख परिवारों को नि:शुल्क रसोई सिलेंडर उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही 18 करोड़ गरीबों को दो बार नि:शुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया है, तीसरी बार भी यह वितरण शुरू किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में निराश्रित, गरीब, रोज कमाने वाले, कामगार जैसे 30 लाख से अधिक गरीबों को सरकार ने एक हजार रुपये का भरण पोषण भत्ता और नि:शुल्क खाद्यान्न भी दिया है। इतना ही नहीं मनरेगा मजदूरों को बढ़े हुए पारिश्रामिक से भुगतान किया गया है। 88 लाख से अधिक पेंशन धारकों को दो महीनों की धनराशि एडवांस उपलब्ध करा दी गई है।
प्रवासी श्रमिकों को भी सहायता
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश में वापस आने वाले कामगारों व श्रमिकों को दी जाने वाली सहायता के बारें में बताया कि यूपी में आने वाले गैर प्रवासी मजदूरों को क्वॉरंटीन, कम्यूनिटी और शेल्टर होम तक पहुंचाया जा रहा है। सभी को खाद्यान्न देकर घर पहुंचाने का काम प्रदेश सरकार कर रही है। 10 हजार से अधिक यूपी परिवहन की बसों को इस सेवा में लगाया गया है। प्रदेश सरकार ने यूपी में कोरोना के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए 50 हजार से अधिक लेवल—1, लेवल—2 और लेवल—3 के अस्पतालों को तैयार करने का काम कर दिया है। यहां सभी कोरोना से पीडि़त जरूरतमंदों का नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है। आपातकालीन उपचार के लिए भी कोविड व नॉन कोविड अस्पतालों की श्रृंखला उपलब्ध कर दी गई है। ये अस्पताल 1 लाख से अधिक बेडों से लैस हैं।
लड़ी जा रही है मजबूती से लड़ाई
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संक्रमण से देश की लड़ाई को मजबूत करने के लिए हर नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़ रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इन प्रयासों के आधार पर इस लड़ाई को मजबूती देेने का काम किया है। प्रदेश सरकार ने 6.50 लाख से अधिक कामगारों व श्रमिकों को वापस लाने में सफलता हासिल की है। 28 मार्च को छह लाख से अधिक कामगारों को वापस लाकर उनके उपचार की व्यवस्था की। इसके साथ ही उनके लिए खाद्यान्न की व्यवस्था के साथ ही एक हजार रुपये भरण पोषण भत्ता देकर होम क्वारंटीन पहुंचाने तक का कार्य उत्तर प्रदेश सरकार ने किया। दूसरे चरण में बीते तीन दिनों के भीतर ही 50 हजार से अधिक कामगार व श्रमिक यूपी में वापस लौटे हैं। पूर्व की भांति इन सबको भी क्वारंटीन सेंटर ले जाकर आवश्यक स्वास्थ्य परिक्षण के बाद शासकीय वाहन से घर पहुंचाने का कार्य किया गया है।
जनता से अपील
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपील कि है कि देश की लड़ाई में जिस धैर्य व संवेदनशीलता के साथ अब तक इस लड़ाई को प्रदेशवासियों ने सरकार के साथ मिलकर आगे बढ़ाया है। उसी धैर्य व संवेदनशीलता से प्रदेश सरकार का सहयोग करते रहें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 23 करोड़ लोगों को आश्वासन दिया है कि सरकार सबकी चिंता और सुरक्षा करने का हर संभव प्रयास कर रही है और सबके साथ खड़ी है।