क्या सब्जी के ठेले से भी कोरोना संक्रमण का खतरा है, कुछ शहरों में इसके उदाहरण मिले है


नई दिल्ली: कोरोना वायरस से बचने के लिए ज्यादातर लोग लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं. घर में रह रहे हैं. सिर्फ जरूरी सामान लेने निकल रहे हैं लेकिन अगर इन्हीं जरूरी सामानों से कोरोना का संक्रमण होने लगे तो क्या होगा? पिछले कुछ दिनों से लोगों में सब्जी वालों को लेकर दहशत है.  कुछ शहरों में सब्जी वाले कोरोना कैरियर साबित हुए हैं. सब्जी वाले के जरिए कई लोग संक्रमित हुए हैं.  महरौली, दिल्ली, अहमदाबाद, कानपुर, आगरा में इस तरह के केस सामने आए हैं.


देश के ये वो शहर हैं जहां कोरोना संक्रमित मरीजों में उन लोगों का नाम भी शामिल है जो सब्जियां बेचते हैं. कोरोना पॉजिटिव हुए सब्जीवाले ठीक वैसे ही हैं जैसे सब्जी वाले रेहड़ी लेकर आपके घर तक आते हैं. आपकी गलियों में घूमते हैं. आप बेफिक्र होकर उनसे सब्जियां खरीदते हैं लेकिन सब्जी बेचने वालों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि के बाद अब हर आदमी के दिमाग में कुछ सवाल घूम रहे हैं. 


क्या वाकई सब्जी वालों से कई लोगों में कोरोना का संक्रमण हुआ? क्या कोरोना के इस दौर में सब्जी खाना भी छोड़ना पड़ेगा? आखिर सब्जी खरीदने के वक्त क्या सावधानी बरतनी चाहिए? कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कुछ ऐसे मरीज सामने आए जो गली गली घूमकर सब्जी बेच रहे थे. कोरोना संक्रमण होने के बाद भी वो सब्जी वाले लोगों के बीच जाते रहे. मंडियों में जाते रहे और कोरोना वायरस का संक्रमण बांटते रहे.  
सब्जी वाला बना कोरोना कैरियर? 
अहमदाबाद में सब्जी वाला कोरोना पॉजिटिव पाया गया. सब्जी वाला संक्रमण के बाद भी सब्जी बेच रहा था. अब सब्जी वाले के संपर्क में आए लोगों की भी तलाश की जा रही है. अहमदाबाद में सब्जी को लेकर लोग सावधान हो चुके हैं. लोगों को सलाह दी गई है कि अब सब्जी थैले में नहीं बल्कि पानी से भरी बाल्टी में खरीदें. 


देश की राजधानी दिल्ली में भी लोग दहशत में हैं. दिल्ली के महरौली इलाके में सब्जी बेचने वाला कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. इस दौरान वो कितने लोगों के संपर्क में आया ये पता लगाना बड़ी चुनौती है. एक सब्जी वाला एक दिन में कई लोगों को सब्जी बेचता है. सब्जी वाले न तो खरीदने वाले याद रखते हैं और न ही सब्जी वाला ये ठीक से बता सकता है कि उससे पिछले दिनों किन लोगों ने खरीदारी की थी. 


आगरा और कानपुर से भी ऐसी खबरें आई हैं. कोरोना पॉजिटिव मरीजों में सब्जी का करोबार करने वाले भी शामिल हैं. ऐसे सब्जी बेचने वालों से कितने घरों के किचन तक कोरोना पहुंचा कहना मुश्किल है. अब लोग सब्जी वालों को लेकर खुद सावधान हैं. तमाम कॉलनी में सब्जी वाले फिक्स किए जा रहे हैं. अपने अपने तरीके से सावधानियां बरती जा रही हैं. 


लोग अब सब्जियों को घर में ले जाने से पहले उसे पानी से धो रहे हैं. सब्जी वालों से कैश लेने के बाद हाथ सेनेटाइज कर रहे हैं. सब्जियां खाना छोड़ देना मुमकिन नहीं है ऐसे में जरूरी है कि कोरोना से बचने के लिए सावधानी बरती जाए और सब्जी खरीदने समय सोशल डिस्टेंसिंग, सब्जियों की सफाई का ध्यान रखा जाए. सब्जी वालों से डर चुके लोग तमाम तरह की सावधानियां बरत रहे हैं. कुछ इलाकों में कुछ सब्जी वालों को फिक्स कर दिया गया है लेकिन सवाल है कि जिन सब्जी वालों को आपने फिक्स किया है उनमें संक्रमण का खतरा नहीं है. 


आपकी गली का सब्जी वाला सब्जी खरीदने कहां जाता है. आपकी गली में मास्क लगाकर, ग्लब्स पहनकर सब्जी बेचने रोज सुबह ऐसी ही मंडियों में पहुंचता है. देश की तमाम सब्जी मंडियों में न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है. न ही सब्जी बेचने वाले को ऐहतियात बरत रहे हैं. सुबह के समय देश की सब्जी मंडियों में हर दिन भीड़ पहुंचती है. इन्हीं लापरवाहियों की वजह से सब्जी वाले कोरोना कैरियर बन रहे हैं । मंडी से हमारी गली और किचन तक सब्जियों के साथ कोरोना वायरस पहुंचने का खतरा बढ़ गया है.


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