क्या है सच,तमिलनाडु पुलिस के वीडियो का,क्यो लाक डाउन तोड़ने वाले एम्बुलेंस में नहीं बैठना चाहते,देखे वीडियो


सोशल मीडिया पर एक मजेदार वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में लॉकडाउन के दौरान बाइक पर घूम रहे कुछ युवकों को पुलिस चेकपोस्ट पर रोकती है. युवकों ने मास्क भी नहीं पहने हैं, ऐसे में पुलिसकर्मी उन्हें एक एंबुलेंस में बंद कर देते हैं जिसमें पहले से ही एक मरीज लेटा दिखता है. इसके बाद युवक एंबुलेंस से बाहर निकले की कोशिश करते हैं, लेकिन पुलिसकर्मी उन्हें अंदर धकेलते हैं.


इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु में पुलिस ने बेवजह सड़कों पर घूम रहे मनचलों को काबू करने के लिए यह तरीका अपनाया है. पुलिस ऐसे लोगों को नकली कोरोना पेशेंट के साथ एंबुलेंस में बंद कर रही है.


वायरल हो रहा यह वीडियो असल में तमिलनाडु के तिरुपुर जिले का है. यहां पुलिस ने जागरूकता फैलाने के लिए यह वीडियो शूट किया है, ताकि लोगों को स्थिति की गंभीरता को समझाया जा सके.


लिंक क्लिक कर वीडियो देखे


https://youtu.be/e69TLJMcvAE


वीडियो के अंत में भी पुलिसकर्मी तमिल भाषा में यह बताती हैं कि इस वीडियो के जरिये यह बताने की कोशिश की जा रही है कि आप घरों में रहें और सुरक्षित रहें. वीडियो के अंत में पुलिसकर्मियों के साथ तीनों युवक भी मास्क पहने खड़े नजर आते हैं.


वीडियो के पीछे की कहानी जानने के लिए संवाददाता ने तिरुपुर जिले की एसपी आईपीएस दिशा मिश्रा से बात की. उन्होंने बताया कि यह वीडियो दो-तीन दिन पहले ही शूट किया गया था. वीडियो शूट करने के पीछे मकसद लोगों को यह समझाना था कि जब तक वायरस का खतरा किसी को नजर नहीं आ रहा, तब तक लोग इसे हलके में लेते हैं, लेकिन जैसे ही उन्हें यह खतरा दिखता है वे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते हैं.


वीडियो में भी एक्टिंग कर रहे युवक बिना मास्क पहने बेखौफ घूमते नजर आते हैं, लेकिन जैसे ही उन्हें एंबुलेंस में बंद किया जाता है जिसमें पहले से ही नकली कोरोना पेशेंट लेटा होता है, वे अपनी जान बचाने के लिए भागने का प्रयास करते हैं.


मिश्रा ने वीडियो का एक और वर्जन भेजा, जिसकी शुरुआत में डिसक्लेमर दिया गया है. इस डिसक्लेमर में साफ लिखा है कि यह वीडियो सभी एतियाती उपाय बरतने के बाद शूट किया गया है और इसका मकसद केवल लोगों को जागरूक करना है. वायरल वीडियो से यह डिसक्लेमर हटा दिया गया है.


पड़ताल में साफ हुआ कि वायरल वीडियो कोई सच्ची घटना नहीं है, बल्कि यह जागरूकता फैलाने के लिए तमिलनाडु पुलिस की ओर से शूट किया गया एक वीडियो है जिसमें दिख रहे लोग एक्टिंग कर रहे हैं.


फैक्ट चेक


दावा


पुलिस लॉकडाउन में बेवजह घूमने वाले मनचलों को कंट्रोल करने के लिए उन्हें नकली कोरोना मरीज के साथ एंबुलेंस में बंद कर रही है.


निष्कर्ष 


तमिलनाडु पुलिसने यह वीडियो जागरूकता फैलाने के लिए बनाया है. वीडियो में सब लोग एक्टिंग कर रहे हैं, यह असल घटना नहीं है.


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