बस्ती/सीएचसी हरैया की व्यवस्था हुई फेल,दर्द से तड़पती रही बालिका, नर्सो ने की मरीजो के परिजनों से बदसलूकी

 

ज्ञात हो की विगत दिवस एक बालिका की बिच्छी ने डंक मार दिया,उसके परिजनों ने समीप के सीएचसी पर इलाज हेतु ले गए,काफी देर तक तो स्टाफ ही नही मिला,फिर मिला तो नर्स कृष्णावती सहित अन्य नर्सों ने कोई सुनवाई नहीं की,बल्कि बदसलूकी की बाद में एक पत्रकार के फोन पर इमरजेंसी में मौजूद डा अभय सिह ने तत्काल दर्द से तडफ रहे बालिका का  ईलाज शुरु किया पर उसे कोई बेड नही मिला,वेटिंग एरिया में बने बेंच पर लिटा कर इलाज शुरू किया गया ।सीएचसी हरैया की रात्रि इमरजेंसी सेवा की  पोल खुल गयी,मरीज तड़पता रहा और जिम्मेदार  मूकदर्शक बने रहे।बालिका के परिजनों का आरोप है की काफी देर तक सीएचसी हरैया मे कोई स्टाफ ही नही मिला।जनपद के सभी सरकारी अस्पताल का हाल ऐसे ही बेहाल है, मरीजों को बेहतर ईलाज के दावे हो रहे है फेल हो रहे है मुक्त भोगियों ने सीएम पोर्टल एव बृजेश पाठक जी को भी ट्वीट कर जानकारी दे दी है

       लोगो का कहना हैं कि सीएचसी हरैया में आए दिन इसी तरह का मामला देखने को मिलता है रात के समय किसी की नहीं सुनी जाती है यहां पर कोई  जिम्मेदार कर्मचारी लगता है ही नहीं इस बात को लेकर हरैया सीएचसी के ऊपर कारवाई किया जाना बहुत ही आवश्यक है खास कर नर्स कृष्णावती पर जो मरीजो से सीधे मुंह बात नही करती है

बच्ची के परिजनों ने हमारे संवाददाता को बताया कि हर्रैया सीएचसी की नर्स इंजेक्शन लगाने के लिए तैयार नही हुई बोली 6 नम्बर कमरे मे जाओ ,6 नम्बर कमरा बंद था अगल बगल कमरों मे खोजा कोई नही था पुनः मै नर्स के पास गया निवेदन किया पर उनपर कोई प्रभाव नही पड़ा  मुझे डांट कर भगा दी,सारी दवाएं बाहर से खरीद कर लानी पड़ी, बेड खाली होने के बाद भी कमरे का ताला खोलकर बेड देने से नर्स ने इंकार कर दिया,बाद में पत्रकार सत्यदेव जी के फोन के बाद इलाज शुरू हुआ। वोभी बाहर सीमेंट के बेंच पर लिटा कर।

        मनोरमा चैरिटेबल ट्रस्ट के अनिल त्रिपाठी जी गरीब मरीजों में भगवान के रूप में मशहूर है  जो दूसरे लोगो के इलाज में काफी मदद करते है ,ने कहा की मेरी बहन को बीछी डंक मार दी हर्रैया सी एस सी पर एक घंटे से स्टाफ के पास मै दौड़ रहा हूं कोई एक इंजेक्शन तक लगाने को तैयार नही हैअस्पताल में सिर्फ दलाली चलती है पैथोलॉजी एक्सरे और दवाओं पर कमीशन बाकी अस्पताल वालों को मरीजों से कोई मतलब नहीं है