पुलिस लाइन में सम्मानित हुए तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु !

 


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अंबेडकरनगर ! ज़िंदगी में लोगों की मायूसियां शायद कुछ कम हो सके ! खुशियों के हर एक मुक़ाम का ज़िक्र करते रहो जिज्ञासु !! चर्चित कवि व मंच संचालक तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु का यह शेर वाकई आम आदमी की ज़िंदगी से जुड़ी हुई पीड़ा को बयां कर रहा है ! कवि जिज्ञासु अपने संचालन में शेरो शायरी का तड़का लगाते हुए किसी भी कार्यक्रम में चार चांद लगा देने का हुनर रखते हैं ! यही कारण है जिससे जिज्ञासु लोगों के दिलों तक दस्तक देते हैं ! कवि जिज्ञासु जनपद अंबेडकर नगर के पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस समारोह पर होने वाली परेड की कमेंट्री विगत कई वर्षों से करते आ रहे हैं ! पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतरीन परेड कमेंट्री हेतु क्षेत्राधिकारी पुलिस लाइन अंबेडकरनगर श्रीमती रुकमणी वर्मा द्वारा जिज्ञासु को ट्राफी देकर सम्मानित किया गया ! जिज्ञासु मंच संचालन के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक व कवि की भूमिका में अपना योगदान करते रहते हैं ! साहित्य के क्षेत्र में अब तक जिज्ञासु की लगभग एक दर्जन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें कई साझा काव्य संग्रह भी शामिल हैं ! हिंदुस्तान की सामाजिक और साहित्यिक संस्थाओं द्वारा जिज्ञासु को कई सम्मान मिल चुके हैं ! जिज्ञासु के सम्मान पर शिक्षकों कवियों और साहित्यकारों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी !