महंगाई का अर्थशास्त्र भला आम आदमी क्या जाने -- कवि तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु


महंगाई से परेशान जनजीवन क्या नहीं करता ! 


कोरोना काल में तो स्थिति और भी नाज़ुक है !! 


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क्या फर्क पड़ता है महंगाई बढ़ने से अमीर जादों को ! 


गरीबों का निवाला डकारने में मज़ा आता है उनको !! 


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महंगाई बढ़ने के नाम पर कुछ के घर में खुशियां आती हैं ! 


कुछ ऐसे भी हैं जिनके घर का चूल्हा ठंडा पड़ जाता है !! 


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आओ कुछ नया जरिया बनाएं व्यापार को बढ़ाने का ! 


ज़िंदगी जीना है तो महंगाई से कब तक मुंह मोड़ते रहेंगे !! 


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महंगाई की गणित शहर के सेठ साहूकारों से पूछिए ! 


महंगाई का अर्थशास्त्र भला आम आदमी क्या जाने !!


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शहर के होटल की थालियों की कीमत भ्रष्ट बाबू से पूछिए ! 


महंगाई के बोझ से आम आदमी के होटल का शौक मर जाता है !!


************* तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु कवि व मंच संचालक अंबेडकरनगर उत्तर प्रदेश !