हियुवा के अज्जू हिंदुस्तानी के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और पत्नी को सम्मानजनक नौकरी दिए जाने हेतु समाजसेवी राना दिनेश प्रताप सिंह ने शुरू किया भूख हड़ताल


बस्ती :- पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार समाजसेवी राना दिनेश प्रताप सिंह ने अपने शहरी निवास सिविल लाइंस पर अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल शुरू कर दिया है। उन्होंने कोरोना के कहर से मरे अज्जू हिंदुस्तानी के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और पत्नी को सम्मानजनक नौकरी दिए जाने की मांग सरकार से किया है। उन्होंने घोषणा किया है कि मांगे माने जाने तक भूख हड़ताल जारी रहेगा। श्री राना ने अपने इस निर्णय से शाशन प्रशासन को एक सप्ताह पूर्व अवगत करा दिया था। श्री राना ने कहा है कि विपरीत विचारधारा के बावजूद यह आंदोलन एक सामाजिक कार्यकर्ता के विपदा में पड़े परिवार के लिए है।


उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन को ईमेल से भेजे अपने पत्र में अवगत कराया था कि अज्जू हिंदुस्तानी की मौत कोरोना संक्रमण से लोगों की मदद और जन- जागरूकता अभियान में लगातार सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए हुई है। कोरोना संक्रमित उनकी सगी बहन अनीता श्रीवास्तव की भी उसी दिन बस्ती से रिफर होकर लखनऊ जाते समय रास्ते में मृत्यु हो गयी थी तथा 0 3 दिन बाद माता शकुंतला देवी भी जीवन मरण से संघर्ष करते हुए कैली हास्पिटल में कोरोना से जंग हार गईं। कोरोना की शुरुआती दिनों से अंतिम सांस तक अज्जू हिंदुस्थानी आम जन की भलाई के लिए संघर्ष करते रहे। एक ही परिवार में कोरोना संक्रमण से 4 दिन में 3 दर्दनाक मौत संभवतः किसी सामाजिक परिवार में यह प्रदेश की दिल दहला देने वाली पहली घटना है। दो दशकों से सार्वजनिक जीवन मे खुद को झोंक चुके अज्जू के 70 वर्षीय बृद्ध पिता, विधवा पत्नी और 06 वर्षीय मासूम बालक के अलवा कोई सगा सम्बन्धी नही है जो घर की आवश्यक आवश्यकताओं की भी पूर्ति कर सके ऐसे में नियमो को शिथिल करते हुए सरकार सहायता किये जाने की घोषणा करे। उन्होंने कहा है कि अज्जू का कोई व्यापार अथवा रोजगार नही था और न ही कोई चल अचल संपत्ति ही है जिससे घर परिवार का भरण पोषण हो सके। उन्होंने बस्ती मण्डल के सांसदों, विधायकों, सभी दलों के जिम्मेदार नेताओ, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों से भी अपील किया है कि सरकारी व निजी स्रोतों से अज्जू हिंदुस्थानी के परिजनों की आर्थिक मदद में आगे आएं जिससे एक समाजसेवी का परिवार सड़क पर आने से बच सके।