आज़ाद पंछी की तरह मेरी भी चाहत है उड़ने की -- कवि तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु


आज़ाद पंछी की तरह मेरी भी चाहत है उड़ने की ! 


कोई चमत्कार हो ऐसा की चाहत साकार हो जाए !! 


*************************


आज़ाद भारत की एक तस्वीर हमें खटकती है !


मां-बाप की आज़ादी पर अंकुश लगाते हैं बच्चे !! 


*************************


हमें स्वच्छंदता नहीं चाहिए कभी भी आत्मीय पारिवारिक रिश्तों के बंधन में ! 


आज़ाद होकर भी हमें मां-बाप की ख्वाहिशों का बंधन मंजूर है ख़ुशी - ख़ुशी !! 


*************************


नहीं है अंकुश तुझ पर फिर भी तेरे उड़ान की एक सीमा है ! 


आज़ाद होने का मतलब यह नहीं कि अनुशासन से दूर हो जाओ !! 


*************************


आज़ाद भारत का सपना देखते थे हमारे पूर्वज कभी ! 


आज कथित आज़ादी से भी ढेरों शिकायत है हम सबको !! 


*************************


तुम्हें देशभक्तों के त्याग की अहमियत का अंदाजा नहीं शायद ! 


आज़ाद होकर अपनी ज़िंदगी गुजारते रहना कितना क़ीमती है !! 


************* तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु कवि व मंच संचालक अंबेडकरनगर उत्तर प्रदेश !


Popular posts
बस्ती:-सौम्याअग्रवाल आईएएस,बस्ती की नई जिलाधिकारी बनी, जानिए उनकी सफलता की कहानी
Image
संजय द्विवेदी पीएचडी पात्र हेतु घोषित,राजेन्द्र माथुर का हिंदी पत्रकारिता में योगदान पर किया शोध
Image
बस्ती जनपद का स्थापना दिवस मनाया गया, एमएलसी सुभाष यदुवंश ने काटा केक,हुई भव्य आरती, कवि सम्मेलन,
Image
वाजा इंडिया" की नई कार्यकारिणी घोषित,वरिष्ठ पत्रकार पी. बी. वर्मा अध्यक्ष,शिवेन्द्र प्रकाश द्विवेदी महासचिव बने
Image
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन नेशनल बिल्डर इनोवेटिव टीचर अवार्ड से अलंकृत हुये आर्टिस्ट चंद्रपाल राजभर
Image