राजस्थान में कांग्रेस पर सियासी संकट से निपटने के लिए प्रियंका गांधी ने संभाला मोर्चा,दोनों नेताओं को मनाने में जुटीं प्रियंका


राजस्थान में कांग्रेस की खिसकती सत्ता फिलहाल बच गई है. उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की बगावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की राह में रोड़े अटका दिए हैं. हालांकि, अंतत: अशोक गहलोत ने अपना दम दिखा दिया है और पायलट की बगावत के बावजूद 100 से ज्यादा विधायकों का समर्थन दिखाकर सरकार बचा ली है. लेकिन सचिन पायलट की नाराजगी अभी खत्म नहीं हुई है. प्रदेश के दोनों बड़े नेताओं के इसी टकराव को खत्म करने के लिए अब मोर्चा प्रियंका गांधी वाड्रा ने संभाल लिया है.


बताया जा रहा है कि राजस्थान में जो सियासी हालात पैदा हुए हैं उस पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों से बातचीत कर रही हैं. दोनों नेताओं को प्रियंका गांधी का करीबी माना जाता है. ऐसे में प्रियंका सीएम और डिप्टी सीएम के बीच इस स्तर तक पहुंचे विवाद को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं.


ये पहला मौका नहीं है जब प्रियंका गांधी ने राजस्थान के इन दो दिग्गजों के बीच सुलह कराने का काम किया है. इससे पहले जब दिसंबर 2018 में राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे आए तो कांग्रेस पार्टी ने अशोक गहलोत को सीएम बनाने का मन बनाया. लेकिन सचिन पायलट इस फैसले को मानने पर राजी नहीं हुए. घंटों लंबी बैठकें चलती रहीं. अंतत: राहुल गांधी के आवास पर अशोक गहलोत और सचिन पायलट से प्रियंका गांधी ने मुलाकात की और सीएम पर फाइनल फैसला हो सका.


अब एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच तलवारें खिंच गई हैं. उस वक्त सीएम बनाने का मसला था तो इस वक्त सरकार बचाने की चुनौती है. ऐसे में अब प्रियंका गांधी ने फिर मोर्चा संभाला है. वे दोनों नेताओं से बात कर रही हैं. इतना ही नहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा कांग्रेस के 4 अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सचिन पायलट से बात कर समझाने की कोशिश की है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव केसी वेणुगोपाल, अहमद पटेल और पी चिदंबरम ने बातचीत की है. सचिन पायलट से जयपुर जाने के लिए कहा गया है.



वहीं, दूसरी तरफ सचिन पायलट की तरफ से सुलह का फॉर्मूला भी पेश किया गया है. सूत्रों के मुताबिक खबर ये आ रही है कि सचिन पायलट ने प्रदेश अध्यक्ष पद अपने पास रखने के लिए कहा है. साथ ही गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग भी अपने समर्थक मंत्रियों को देने की मांग रखी है. ऐसे में अब देखना होगा कि किनारे पर खड़ी गहलोत सरकार को स्थायी भविष्य देने के लिए क्या प्रियंका सचिन पायलट को राजी कर पाती हैं या फिर उनके तेवर गहलोत के लिए कोई चुनौती बनकर सामने आते हैं.


Popular posts
बस्ती की नई डीएम प्रियंका निरंजन,2013 बैच की आईएएस अफसर है प्रियंका निरंजन।
Image
बस्ती मंडलायुक्त अखिलेश सिंह ने चार्ज ग्रहण किया,2008 बैच के आईएएस है श्री सिंह
Image
कौन थे राजा विक्रमादित्य, जानिए भारत के इस महाप्रतापी राजा के बारे में जिनका साम्राज्य अरब मिस्र तक फैला था
Image
खलीलाबाद से बहराइच तक रेल लाइन बिछेगी, डीपीआर रेलवे बोर्ड को प्रेषित
Image
राजा लक्ष्मेश्वर सिंह की 67 वी जयंती पर राजभवन बस्ती में हुए विभिन्न कार्यक्रमो ने लोगो का मन मोहा, हुआ पुस्तक विमोचन
Image