दिल्ली :- अरविंद केजरीवाल की तबियत खराब, कल होगा कोरोना टेस्ट, लोगों का सवाल ये है कि ईलाज कहा होगा, दिल्ली वासी तो है नहीं


नई दिल्‍ली: दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल की तबियत खराब है. उनको कल से हल्का बुखार और गले में ख़राश की शिकायत है. उन्‍होंने कल दोपहर से सारी बैठक रद्द की और किसी से मुलाकात नहीं की है. अपने आप को घर में आइसोलेट किया. उनका कल कोराना टेस्‍ट होगा. इस बीच दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,282 नये मामले सामने आने से शहर में कोविड-19 मामलों की कुल संख्या बढ़ कर 28,936 हो गई है, जबकि इस महामारी से मरने वाले लोगों का आंकड़ा 812 पहुंच गया है. लिहाजा इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पताल मे सिर्फ दिल्ली वालो का ईलाज होने की रविवार को घोषणा की.


मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मार्च तक दिल्ली के सभी अस्पताल, देश के सभी लोगों के लिये खुले हुए थे. दिल्ली के बाशिंदों ने कभी किसी व्यक्ति को इलाज से मना नहीं किया और दिल्ली में हमेशा ही करीब 60-70 प्रतिशत मरीज अन्य राज्यों के रहे हैं.’’ केजरीवाल ने कहा, ‘‘लगभग 7.5 लाख लोगों ने हमें अपने सुझाव भेजे और 90 प्रतिशत से अधिक लोग चाहते हैं कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान दिल्ली के अस्पताल सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी के मरीजों का उपचार करें.’’


उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, यह निर्णय किया गया है कि दिल्ली स्थित सरकारी और निजी अस्पताल केवल राष्ट्रीय राजधानी में रह रहे लोगों का ही इलाज करेंगे.’’ उनके इस कदम पर दिल्ली भाजपा प्रमुख आदेश गुप्ता ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह दिल्ली से हो या बाहर से हो, शहर के अस्पतालों में उसका इलाज होना चाहिए.


कोविड-19 के रिकॉर्ड 9,983 नये मामले


इस बीच देश में कोविड-19 के रिकॉर्ड 9,983 नये मामले सामने आने के बाद देशभर में संक्रमितों की कुल संख्या 2,56,611 पर पहुंच गई है जबकि संक्रमण के कारण 206 और मौतें होने के साथ ही मरने वालों की संख्या 7,135 हो गई है. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया में अमेरिका, ब्राजील, रूस और ब्रिटेन के बाद कोविड-19 महामारी से सबसे अधिक प्रभावित होने वाला पांचवां देश है.


 


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,25,381 है, जबकि 1,24,094 मरीज बीमारी से ठीक हो चुके हैं. एक मरीज देश से बाहर जा चुका है. स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इस प्रकार, अब तक लगभग 48.36 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं.’’ पुष्टि किए गए मामलों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.