कौन है जालिम मुखिया,जो नेपाल में बैठकर भारत में कोरोनावायरस फैलाने की योजना बनाई है


भारत में कोरोना फैलाने की एक खेती नेपाल में रची जाने का खुलासा हुआ है। पाकिस्तान की शह पर ऐसा किया जा रहा है। इसका पूरा प्लान जालिम मुखिया ने तैयार किया है। जालिम तारों का तस्कर है। नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीति में भी सक्रिय है।


जालिम की योजना भारत में नेपाल की सीमा से कोरोना पॉजिटिव लोगों की एंट्री कराने की है। इसके लिए लगभग तीन सौ मुस्लिम नेपाल के चंदनबसरा और खैरवा की मस्जिद और मदरसे में जमा हैं। ये कुछ भारतीय हैं। कुछ पाकिस्तानी। जो भारतीय मस्जिद में जमा हैं वे अलग-अलग इस्लामी मुल्कों में काम करते हैं।


सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की एक रिपोर्ट यह पूरी रूपरेखा सामने आई है। एसएसबी ने बेतिया प्रशासन को इसकी जानकारी देते हुए समीक्षा कर दी है। इस खुलासे के बाद पूरा तंत्र हरकत में आ गया है और भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है।


एसएसबी की 47 वीं वाहिनी के कमाण्डेन्ट ने 3 अप्रैल को पश्चिम चंपारण, बेतिया के डीएम और एसपी को पत्र लिखकर प्रदर्शित किया कि जालिम मुखिया भारत में कोरोना (COVID-19) महामारी फैलाने की योजना चल रही है। जालिम नेपाल के परसा जिले के सेरवा थाने के जानकी टोला पोस्ट ऑफिस के तहत जगनाथपुर गॉव का कांड जल्द ही जारी है। बताया जाता है कि वह परसा जिले के जगन्नाथपुर का मेयर भी है।



रामगढ़वा में तैनात एसएसबी के कमाण्डेन्ट ने डीएम और एसपी को लिखा अपना पत्र में आगाह करते हुए कहा है कि विभिन्न इस्लामिक मुल्कों काम करने वाले करीब 200 भारतीय और 5-6 पाकिस्तानी मुस्लिम काठमांडू के जरिए नेपाल पहुंच चुके हैं। नेपाल के चंदनबसरा और खैरवा की मस्जिद और मदरसे में रुके हुए हैं। 3 अप्रैल को लिखा गया इस पत्र में उस दिन भी 40-50 और भारतीय मुसलमानों के यहाँ पहुँचने की बात कही गई है।


पत्र में कहा गया है कि भारत में घुसने की फिराक में बैठे ये संदिग्ध पेरासिटामोल खा रहे हैं जिससे कोरोना जाँच के दौरान खुद को छिपाना चाहिए। इस पत्र के बाद पश्चिमी चंपारण के डीएम ने जिले के एसपी को 7 अप्रैल को एक पत्र लिखा। इसमें एसएसबी के कमाण्डेन्ट द्वारा दी गई सूचना का हवाला देते हुए भारत-नेपाल सीमा पर यथोचित सतर्कता बरतने के साथ दी गई। डीएम ने एसपी को अपने पत्र में 40-50 संदिग्ध भारतीय मुसलमानों के भारतीय सीमा में प्रवेश करने की सूचना मिलने की भी बात कही है।


इन दोनों पत्रों में जिस नेपाल निवासी जालिम मुखिया का जिक्र है, वह पहले भी भारत-नेपाल सीमा से हथियारों की अवैध रूप से और FICN तस्करी में शामिल रहा है।



एसएसबी के इनपुट पर पश्चिम चंपारण के डीएम कुंदन कुमार ने जिले के साथ बगहा के एसपी, नरकटियागंज और बगहा के एसडीपीओ के साथ सीमावर्ती इलाके के बीडीओ को पत्र लिखा है। इसमें एसएसबी द्वारा दिए गए इनपुट को साझा करते हुए चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में लिखा गया है कि एसएसबी के कमांडेंट ने सूचना दी है कि नेपाल का जालिम मुखिया बिहार में कोरोना फैलाने की साजिश रच रहा है। 40-50 संदिग्धों के भारत में आने भी सूचना दी गई है। इसके बाद सीमावर्ती इलाके में पुलिस व एसएसबी अलर्ट पर है। 


नेपाल में भी बड़े पैमाने पर छापेमारी
बताया जाता है कि इस खुलासे के बाद नेपाल सरकार भी सख्त हो गई है। जमात से जुड़े लोगों के नेपाल में मौजूद होने और उनके कोरोना पॉजिटिव होने खबर के बाद वहां के मस्जिदों और मदरसों में उनकी तलाश की जा रही है। कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। 


पूरे मामले पर बिहार के अपर मुख्य सचिव आमिर सुहर्न का बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि एसएसबी ने सिर्फ टाइपिंग को लेकर आशंका जताई है। अभी तक कोई टाइपिंग नहीं हुई है। अपर सचिव ने आगे कहा है कि यह बाबत हमने पुलिस को समीक्षा कर दिया है और इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय को जानकारी दे दी गई है।) हम किसी को सीमा पार नहीं करेंगे।


इससे पहले आज शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने तबलीगी जमात पर एक गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि इन जमाकर्ताओं का उद्देश्य पूरे देश में 1 लाख से ज्यादा लोगों को मारने का था। उनका आरोप है कि जमात इस समय मलेशिया में छिपे भगोड़े जाकिर नाइक की बी टीम की तरह काम कर रही है। जमाकर्ताओं की मदद से उसने भारत में आत्मघाती हमले की साजिश रची है। गुरुवार को दिए गए इस बयान को शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने किस आधार पर बोला, ये निश्चित ही पड़ताल के बाद मालदीव होगा। लेकिन अभी भी उनके इस खुलासे ने हलचल मचा दी है।



उन्होंने कहा कि मुमकिन है कि इस खेती में मलेशिया में रहे जाकिर नाइक भी शामिल हों। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मलेशिया के जमाती मिल रहे हैं, उससे जाकिर नाइक की कंप्यूटिंग से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि तबलीगी जमात जाकिर नाइक की बी टीम की तरह काम कर रही है।


याद रहे कि देश में कोरोनाचारी मामलों में से एक तिहाई से ज्यादा मामला तबलीगी जमात के लोगों से संबंधित हैं। तबलीगी जमात का दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज देश में कोरोनावायरस संक्रमण का हल्स्पॉट बनकर बाहर।] यहॉँ मजहबी आयोजन में शरीक होने के बाद जमात के सदस्य देश के अलग-अलग हिस्सों में गए। देश के कई राज्यों में जमात से जुड़े मौलवी मस्जिदों में छिपे मिले हैं।


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