कोहरे में वाहन सावधानी से चलाएं,अन्यथा जीवन खतरे में पड़ जाएगा

बस्ती ।नवंबर के तीसरे सप्ताह में भी कोहरे ने भी दस्तक दे दी थी। बाहरी और मैदानी इलाकों में इसका असर अब अधिक दिखने लगा है। जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, कोहरा घना होने के साथ ही सड़क पर चलने के लिहाज से खतरनाक होता जाएगा। हाईवे पर रात 10 बजे के बाद न तो स्ट्रीट लाइटें जल रहीं हैं और न ही हाइवे पर अवैध कट भरे जा सके हैं।


हर साल की तरह सीजन का भी कोहरा शुरू हो चुका है। रिकॉर्ड बताता है कि दिसंबर और जनवरी माह में कोहरा सबसे अधिक पड़ता है। इन्हीं दो माह में कोहरे के कारण हादसे भी अधिक होते हैं। सरकारी मशीनरी हर साल दावा करती है कि वह कोहरे के कारण होने वाले हादसों को रोकेंगे, लेकिन यह काम केवल कागजों में ही होता है। धरातल पर कुछ होता नहीं दिखता। 2018 के दिसंबर और जनवरी माह का ट्रैफिक पुलिस विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 57 हादसों में 48 लोगों की जान गई और 91 लोग घायल हुए। किसी का पैर टूटा तो किसी का हाथ। किसी के दिमाग में ऐसी चोट लगी कि अभी तक भी संतुलन ठीक नहीं है। जिससे साफ है कि कोहरे ने इन लोगों के जीवन को धुंधला कर दिया है।


वाहन चलाते समय हर किसी के लिए सावधानी बरतना आवश्यक होता है। खासकर तब जब कोहरा पड़ना शुरू हो जाए। रात में सफर करते समय जरा सी चूक जिदगी पर भारी पड़ सकती है। हाइवे पर विक्रमजोत से लेकर कांटे तक लगभग 50 स्थानों पर डिवाइडर कटा है। इनसे बाइक से लेकर कार तक निकल जा रही है। इसके अलावा बाइक और साइकिल पार करने के लिए तमाम स्थानों पर छोटे छोटे कट हैं। इन्हें अब तक भरा नहीं गया। हाइवे पर सड़क किनारे लगी सफेद रंग की रेडियम पट्टी भी जगह जगह गायब है। गाड़ी की लाइट पड़ने पर बल्ब की तरह जलती दिखाई पड़ने वाली रेड कलर की रंबल स्ट्रिप भी जगह जगह गायब है।


लखनऊ गोरखपुर हाईवे पर कोहरे की मार सर्वाधिक है। हाइवे कुल 18 ब्लैक स्पाट हैं, इनमें हड़िया, पालीटेक्निक चौराहा, बड़ेवन, मूड़घाट चौराहा, फुटहिया, संसारीपुर चौराहा, पचवस, विक्रमजोत आदि शामिल हैं। इन स्थानों पर कोहरे के दौरान सर्वाधिक हादसे होते हैं। बस्ती बांसी राजमार्ग पर पड़िया चौराहा, दसिया, पैड़ा, पड़री, महुआर, बस्ती डुमरियागंज मार्ग पर भिटिया चौराहा, देईपार पड़ाव, बैड़वा पुल, नरखोरिया, असनहरा आदि ऐसे स्थान हैं जो हादसों की दृष्टि से खतरनाक है।


मंगलवार को सुबह से पछुआ हवाएं चल रही है जिसके कारण ठंडक बढ़ी है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के मौजूदा असर को देखते हुए मौसम में उतार चढ़ाव जारी रहेगा। देर शाम से सुबह तक अभी भी कोहरा देखने को मिल रहा है। सुबह के दौरान कोहरा अभी हल्का है। मंगलवार को बस्ती में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस था। बुधवार को पारा और गिरने की संभावना है।


26 नवंबर की सुबह साढ़े छह बजे बस्ती बांसी रोड पर हुए कोहरे के कारण सड़क हादसे में रुधौली थाने पर डायल 112 की ड्यूटी करने जा रहे एक सिपाही सत्यानंद की मौत हो गई, जबकि दूसरे रामसंवारे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी बाइक कोहरे के कारण सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई थी। हेलमेट लगाने के बाद भी सिपाही की जान चली गई।


विभिन्न मार्गों पर अक्सर जो वाहन खराब हो जाते हैं, उन्हें सड़क किनारे खड़ा करा दिया जाता है। ऐसे में घना कोहरा छाया होने पर उधर से गुजरने वाले वाहन चालक सड़क किनारे पहले से खराब खड़ी किसी गाड़ी को नहीं देख पाते और हादसा हो जाता है। ऐसे में सामने से आने वाले वाहनों को साइड देते समय अपनी बाईं ओर अच्छी तरह देख लें कि कोई खराब वाहन तो सड़क किनारे नहीं खड़ा है। अगर कोई वाहन पहले से खड़ा है तो अपना वाहन एकदम धीमा करके रोक लें। साइड से जब सामने वाला वाहन गुजर जाए तब आगे बढ़ें। 


पिछले साल जिले के विभिन्न मार्गों पर कुल 369 सड़क हादसे हुए। इनमें से करीब सवा दो सौ हादसे कोहरे के कारण हुए। कुल सड़क हादसों में 161 लोगों की मौत हुई। कोहरे के दौरान जो हादसे हुए। मरने वालों की संख्या 58 रही है। आंकड़े स्पष्ट कर रहे हैं कि कोहरा कितना खतरनाक साबित हो रहा है। कोहरे के दौरान आगे 


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