दिया जलाने के अलावा गरीबों को फिर राहत पैकेज देने पर केंद्र में चल रही है कार्यवाही


नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के खिलाफ जारी अभियान के बीच में शुक्रवार को एक वीडियो संदेश साझा किया। जिसमें उन्होंने रविवार रात 9 बजे 9 मिनट तक घर की बालकनी पर दीया जलाने की बात कही। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से सामाजिक दूरी वाली लक्ष्मणरेखा नहीं लांघने की अपील भी की।


कोरोना वायरस की वजह से पनपे संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री ने सामूहिक शक्ति को प्रदर्शित करने के लिए देशवासियों से रविवार रात 9 बजे 9 मिनट घरों के दरवाजे-बालकनी में खड़े होकर दीया, मोमबत्ती, टार्च की लाइट या फिर फ्लश लाइट जलाने की अपील की। हालांकि प्रधानमंत्री की ये अपील विपक्षियों को रास नहीं आई। एक के बाद एक नेताओं ने प्रधानमंत्री की अपील की आलोचना की तो बहुत से नेताओं ने सराहा भी और अपील को समाजिक एकजुटता का माध्यम भी बताया। 


प्रधानमंत्री लगातार देशवासियों के साथ किसी-न-किसी मुद्दे को लेकर संवाद साधने का प्रयास कर रहे हैं ताकि जोश भी बरकरार रहे और सामाजिक दूरियां बनाए रखने का मकसद भी पूरा हो।


हालांकि सरकार कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए हर मुमकिन प्रयास कर रही है और देखें तो लॉकडाउन ही एकलौता ऐसा उपाय है जिसके जरिए कोरोना वायरस की चेन को तोड़ा जा सकता है और यह बात सरकार बखूबी समझ नई थी। तभी तो पूरे देश को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन कर दिया है।


अचानक से लॉकडाउन हो जाने की वजह से प्रवासी मजदूर अलग-अलग स्थानों पर फंस गए। हालांकि कुछ मजदूर पैदल ही अपने परिवारों के साथ अपने पैतृत्व गांव की तरफ निकलगए। किसी ने दिल्ली से राजस्थान का पैदल सफर किया तो किसी ने दिल्ली से गुजरात का। हालांकि इस तमाम घटना के बीच में अफवाह फैल गई कि आनंद विहार से बस जा रही है जिसकी वजह से भारी संख्या में लोग आनंद विहार बस अड्डा पहुंच गए। 


इस घटना को देखते हुए सरकार ने तुरंत ही एक्शन लिया और जो जहां हैं उन्हें वहीं रहने के निर्देश दिया। हालांकि फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,000 बसों को चालू करा दिया। लेकिन इस बीच अनावश्यक किराया लिए जाने के भी मामले सामने आए।


प्रवासी मजदूरों को रोकने के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने किराया तक देने की बात कह डाली। उन्होंने साफ किया कि प्रवासी मजदूर जहां हैं वहीं रहें और उनके खाने और रहने की व्यवस्था हमारी है।


केंद्र सरकार भी लगातार राज्य सरकारों के साथ वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत कर रही है और साथ ही साथ हर जरूरतमंद की मदद करने की भी बात कर रही है। 


कोरोना वायरस से पनपे संकट को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार तैयारियों में जुटी हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि बीते दिनों सरकार ने गरीबों के लिए 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की थी। हालांकि वो फौरी राहत थी लेकिन सरकार ये भी जानती है कि गरीबों के लिए अभी और भी घोषणाएं करने की जरूरत है और इस दिशा की ओर सरकार ने कदम भी बढ़ा दिए हैं।


मिली जानकारी के मुताबिक सरकार उज्ज्वला योजना के करीब 8 करोड़ 50 लाख लाभार्थियों की मैपिंग कर रही है। इस लिस्ट को पूरी तरह से अपडेट कर दिया गया है और हर एक कैटेगरी के लोगों को इसमें जगह दी गई है। हालांकि सरकार ने 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपए के पहले पैकेज में उज्ज्वला के तहत सभी गरीब परिवारों को तीन महीने तक मुफ्त में सिलिंडर देने का ऐलान कर दिया है।


अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार अलग से बड़े राहत पैकेज का ऐलान कर सकती है।


 


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